विधान-सभा चुनाव से पहले मांगे शासन में भागीदारी के अधिकार - कालूराम लोहार

 अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम असम मैं विधान-सभा चुनाव से पहले मांगे शासन में भागीदारी के अधिकार -
 कालूराम लोहार 

   गुवाहाटी दिनांक 10 जनवरी को अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हृदयनारायण विश्वकर्मा द्वारा आयोजन किया गया। देश आजाद के बाद भी लोकतंत्र में सरकार व सता मैं भागीदारी की अनदेखी, समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए समाज के उत्थान हेतु एक कार्यक्रम का माननीय राज्यपाल व मुख्यमंत्री को के नाम ज्ञापन दिया गया | वंश परंपरागत कारीगर समाज के शुभचिंतक श्री कालूराम लोहार ने कहा विश्वकर्मा वंश परंपरागत कारीगर समाज का उत्थान तभी संभव होगा आज कारीगर समाज ( लोहार, बढ़ई, ताम्रकार, कर्माकार, कंसारा,सोमपुरा, शिल्पी, स्वर्णकार) के साथ राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा इस देश में कारीगर समाज के लिए कोई मंच या संगठन नहीं है कोई आयोग नहीं है ,कोई बोर्ड व निगम नहीं है, कोई मंत्रालय नहीं है, युवा रोजगार के लिए कोई सरकारी बैंक लोन की व्यवस्था नहीं, राज्यों सरकार में शहरी क्षेत्रों में इंडस्ट्रीज वर्कशॉप के लिए शेड नहीं, ग्राम पंचायतों में वर्कशॉप के लिए सैड की जमीन नहीं, बच्चों के शिक्षा व रोजगार के लिए सरकार द्वारा इंजीनियर कॉलेज के साथ छात्रावास कारीगर समाज के लिए कोई कार्यक्रम नहीं है!
     सरकारों द्वारा सभी योजना किसानों   उद्योगपतियों,पशुपालको , आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यक, मछुआरो अन्य वर्गों के लिए  राजनीति में  प्रभावशाली अन्य जाति के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाती है
  विकास और निर्माण विश्वकर्मा समाज से ही प्रारम्भ हुआ जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है।  विश्वकर्मा समाज की राजनैतिक भागीदारी शून्य है। देश की लोकसभा,  विधानसभा और सरकार मे विश्वकर्मा समाज के विधायक सांसद व मंन्त्री नहीं के बराबर  हैं जिसके कारण विश्वकर्मा समाज की बात लोकसभा और विधानसभा में नहीं उठायी जाती। सरकारे हमारी समस्याओं की तरफ ध्यान नही देती और न हमारे विकास के लिये योजनाएं और कानून बनाती हैं। इसलिये आज हम विकास की दौड मे सबसे पीछे रह गये हैं हमारी हैसियत एक  निर्माणकर्ता से मजदूर बनकर रह गयी।
        हमारी मांग है कि सरकार विश्वकर्मा समाज को उनकी जनसंख्या के अनुरूप लोकसभा,राज्यसभा, विधानसभा और सरकार में भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित करे। केन्द्र सरकार 17 सितम्बर भगवान विश्वकर्मा पूजा दिवस पर राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश घोषित करे। केन्द्र सरकार कारीगरो की उन्नति के लिये विश्वकर्मा कारीगर आयोग, कारीगर मंत्रालय, कारीगर विकास बोर्ड, का गठन करे। सरकार विश्वकर्मा टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय, विश्वकर्मा छात्रावास  का निर्माण कराये। सरकार  सरकारी संस्थाओं एवं कॉरपोरेट जगत की इकाइयों में एवं भवन निर्माण कंपनियों  में वंश परंपरागत कारीगर समाज का इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैकेनिकल,  कारीगर संबंधी कुछ प्रतिशत आरक्षित हिस्सा सुनिश्चित करें l     
                           
  विश्वकर्मा समाज के अधिकार सम्मान और गौरव को बचाने के लिये पूरे देश वह राज्य में विश्वकर्मा समाज एकजुट होकर बडी सामाजिक ताकत और राजनैतिक ताकत बनाये और अपने अधिकार व सम्मान को पाने के लिये स्वंय आगे आकर पूरे देश में एक विश्वकर्मा समाज का फेडरेशन बनाकर  जन जागृति व चिंतन शिविर के द्वारा सामाजिक परिवर्तन लाकर सरकार के सामने अपनी मांगों को  रखकर समाज को आगे बढाये। यह बात कालूराम जी ने संबोधन में की कार्यक्रम में श्री घनश्याम जी पवार पूर्व संयोजक कारीगर प्रकोष्ठ भाजपा मध्य प्रदेश, श्री राजेंद्रजी पंचाल पूर्व अध्यक्ष गुजराती समाज हृदयनारायणजी शर्मा, विश्वकर्मा समाज के अध्यक्ष राजेश शर्माजी श्री राजकुमार शर्मा उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र शर्मा एजुकेटिव सदस्य रामलगन शर्मा कार्यालय सचिव श्री मनोज शर्मा सचिव कन्हैयाजी शर्मा मुख्य सलाहकार श्री आशुतोष शर्मा सहायक सचिव श्री गणेश शर्मा कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
 सूचना द्वारा
 राजेश शर्मा (विश्वकर्मा)
 अध्यक्ष विश्वकर्मा समाज गुवाहाटी
9864042798
 आशुतोष शर्मा (विश्वकर्मा) 
उपाध्यक्ष विश्कर्मा समाज गुवाहाटी
9864175004
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